निशा सुन्दरी

निशा सुन्दरी

प्राक्कथन– प्रस्तुत कविता में ” निशा और चाँद ” अर्थात रात और चन्द्रमा के प्रेम मय दृश्य का सजीव चित्रण किया गया है। भूख मिटाने की आशा में ,जो दिन …

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फ़िज़ा तनवी

फ़िज़ा तनवी की कवितायें

चलो कही तेज़ धूप में आशियाना बनाये.. दरिया के बीच लहरों में कही किनारा बनाये.. आराम ओ सुकून की नहीं है ये दुनिया.. जाने के लिए चलो कोई बहाना बनाये… …

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बलजीत सिंह बेनाम

इनायत लिखी है मोहब्बत लिखी है ज़रा मुस्कुरा कर इजाज़त लिखी है अगर कोई रिश्ता नहीं तो बताओ निग़ाहों से कैसी शरारत लिखी है ज़रा ये बताओ कहाँ मज़हबों में …

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“नई कलम” में हम इस बार लेकर आये है – प्रिया सिंह की लिखी कुछ कवितायें – भाग 1

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की “प्रिया सिंह” कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक(बी.ए.) कर रही है। पढ़ाई के साथ एक कंपनी के लिए Content Writing का काम भी करती है, राजनीति से इन्हे …

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“नई कलम” में हम इस बार लेकर आये है – प्रिया सिंह की लिखी कुछ कवितायें – भाग 2

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की “प्रिया सिंह” कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक(बी.ए.) कर रही है। पढ़ाई के साथ एक कंपनी के लिए Content Writing का काम भी करती है, राजनीति से इन्हे …

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कोरोना की आड़ में – आर्थिक महाशक्ति बनने की होड़

कोरोना महामारी को एक खतरनाक बीमारी के रूप में प्रचार-प्रसार करने की होड़ मची है। और इस प्रचार-प्रसार की अगुवाई WHO कर रहा है। कोरोना से डरो ना.. घर में …

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पलायन-जरुरी-तो-नहीं

पलायन जरुरी तो नहीं ?

आज फिर से थोड़ा कड़वा किन्तु कटु सत्य लिखना चाहूंगा। ..समय निकाल के पढ़िएगा जरूर। कोरोना के दहशत के बीच बहुत सारे माइग्रेटेड लोग जो दिल्ली, राजस्थान, नोएडा और देश …

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